
आज के दौर में 6000 से 15000 मासिक वेतन में एक परिवार का भरण पोषण करने में परिवार के मुखिया को भारी मशक्कत करना पड़ रहा है
एक तरफ रोज मर्रा की कीमत बढ़ती जा रही है वहीं दूसरी तरफ आमदनी या तो स्थिर है और नहीं तो घटती जा रही है.
वहीं मौजूदा वर्ष में सरकार द्वारा दिए जाने वाला राशन सहयोग में सरकारी नियमों के कारण कई लोगों के का राशन कार्ड निरस्त हो गया.
वही मध्यवर्ग का हाल यह है कि ना तो वह सरकारी सब्सिडी प्राप्त कर पता है और ना ही धनवान वर्ग की तरह मंगाई से पेपरवाह रह पाता है.
आय कम होने के कारण बच्चों की पढ़ाई,घर का भाड़ा,बिजली बिल घर खर्च आदि में सारी रकम कम पड़ जा रही है.और यदि घर में किसी सदस्य का इलाज चल रहा हो तो. लोन या कर्ज लेने के भी नौबत आ जाती है.
महंगाई ने मध्यम वर्ग और सामान्य लोगों के त्योहारों का आनंद भी छीन लिया है. ऐसे में जरूरत है ऐसी नीति की जो महंगाई पर नियंत्रण कर सके.
आम आदमी को भी अपने आमदनी को बढ़ाने का प्रयास करना होगा
